सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही चारों ओर "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयकारे गूंजने लगते हैं। लाखों शिवभक्त पैदल या कई साधनों से गंगाजल लेने के लिए कावड़ यात्रा पर निकलते हैं। भक्ति, श्रद्धा और कठिन तपस्या से भरी यह यात्रा मन को शांति देती है। हालांकि, कड़ाके की धूप, अचानक बारिश और मीलों लंबे पैदल सफर के कारण यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। अगर आप भी इस बार कावड़ यात्रा पर निकलने की तैयारी कर रहे हैं, तो अपनी पैकिंग में कुछ जरूरी सामान शामिल करना न भूलें। ये चीजें आपकी यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाएंगी।
1. आरामदायक कपड़े और फुटवियर
कावड़ यात्रा में मुख्य काम पैदल चलना होता है। इसलिए भारी या टाइट कपड़ों की जगह हल्के, सूती और जल्दी सूखने वाले कपड़े रखें। अपने साथ कम से कम 3-4 जोड़ी कपड़े रखें। पैरों के लिए कोई भी नया जूता या चप्पल पहनने की गलती न करें, इससे छाले पड़ सकते हैं। हमेशा पुराने और आरामदायक स्पंज या रबर वाले फ्लोटर्स/चप्पल ही पहनें।
2. फर्स्ट एड किट और दवाइयां
लगातार चलने से पैरों में छाले पड़ना, मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द होना आम बात है। ऐसे में अपनी किट में पेन रिलीफ स्प्रे या जेल, दर्द निवारक दवाइयां और बैंड-एड, सूजी हुई मांसपेशियों के लिए क्रेप बैंडेज, बी कॉम्प्लेक्स और ओआरएस या ग्लूकोज के पैकेट, ताकि डिहाइड्रेशन न हो जैसी चीजें जरूर रखें।
3. रेनकोट
सावन के मौसम में धूप और बारिश का कोई भरोसा नहीं होता। अचानक होने वाली बारिश से बचने और कावड़ को भीगने से बचाने के लिए वाटरप्रूफ रेनकोट या बड़ा प्लास्टिक कवर साथ रखें। तेज धूप से बचने के लिए कॉटन का गमछा या टोपी जरूर बांधें।
4. हाइजीन और पर्सनल केयर
सफर के दौरान सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अपने साथ छोटा टॉवल, साबुन, सैनिटाइजर, एंटी-फंगल पाउडर और बॉडी लोशन या वैसलीन रखें। पैरों की उंगलियों के बीच वैसलीन या पाउडर लगाने से चलने के दौरान रगड़ से होने वाले घावों से बचा जा सकता है।
5. इलेक्ट्रॉनिक और सुरक्षा उपकरण
रात के समय या अंधेरे रास्तों पर चलने के लिए एक छोटी टॉर्च या हेडलाइट साथ रखें। अपने मोबाइल के लिए पावर बैंक रखना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि लंबे सफर में चार्जिंग पॉइंट मिलना मुश्किल हो सकता है। फोन और जरूरी कागजात को सुरक्षित रखने के लिए जिपलॉक वाटरप्रूफ पाउच का इस्तेमाल करें।